आयोग के बारे में

भारतीय संविधान के अनुच्छेद-200 के अन्तर्गत शक्ति का प्रयोग कर महामहिम राज्यपाल महोदय, उत्तर प्रदेश विधान मण्डल द्वारा पारित, उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग विधेयक-1980 को स्वीकृति प्रदान किये जाने के उपरान्त 01 अक्टूबर, 1980 को उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की स्थापना हुई।

उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग एक निगमित निकाय है जिसने 01 नवम्बर, 1982 से कार्य करना प्रारम्भ किया था। सम्प्रति आयोग में अध्यक्ष के अतिरिक्त छः सदस्य नियुक्त किये जाने का प्राविधान है। अध्यक्ष का कार्यकाल पाँच वर्ष अथवा अधिकतम 68 वर्ष की आयु (जो पहले हो) तक नियत है जबकि सदस्यगण का कार्यकाल पाँच वर्ष अथवा अधिकतम 65 वर्ष की आयु (जो पहले हो) तक नियत है। मा0 अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति पूर्णकालिक होती है।

आयोग में एक सचिव, एक उपसचिव एवं एक लेखाधिकारी का पद सृजित है। सचिव के पद पर नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा पांच वर्ष से अनधिक अवधि के लिए प्रतिनियुक्ति पर की जाती है जो वरिष्ठ आई0ए0एस0 स्तर का अधिकारी होता है और उनकी सेवा शर्तें वैसी होती हैं जैसी प्रतिनियुक्ति के अन्तर्गत तैनाती हेतु समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा अवधारित की जाती है।

उपसचिव के पद पर नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा पांच वर्ष से अनधिक अवधि के लिए प्रतिनियुक्ति पर की जाती है जो वरिष्ठ पी0सी0एस0/पी0ई0एस0(एच0) स्तर का वरिष्ठ अधिकारी होता है और उनकी सेवा शर्तें वैसी होती हैं जैसी प्रतिनियुक्ति के अन्तर्गत तैनाती हेतु समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा अवधारित की जाती है।

लेखाधिकारी के पद पर नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा पाँच वर्ष से अनधिक के लिए प्रतिनियुक्ति पर की जाती है। इस पद पर लेखा संवर्ग के पी0सी0एम0/आडिट संवर्ग के अधिकारी नियुक्त होते है और उनकी सेवा शर्तें वैसी होती हैं जैसी प्रतिनियुक्ति के अन्तर्गत तैनाती हेतु समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा अवधारित की जाती है। उपरोक्त के अतिरिक्त आयोग के कार्य संचालन हेतु शासन द्वारा अधोलिखित पद सृजित किया गया है ।